बुधवार, 11 अगस्त 2010

महसूस....


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हो जाते हैं
महसूस
नेह के नाते,
स्पंदन नहीं
होते
मोहताज
दूरियों के
कभी ...
न हो
फितरत
गर
महसूस
करने की
दिल से ,
रह जाते
अजनबी
एक छत के
नीचे भी
सभी.....

4 टिप्‍पणियां:

vandan gupta ने कहा…

बिल्कुल सटीक बात कह दी…………………सब महसूस करने से ही तो होता है ।

Parul kanani ने कहा…

ek sundar ehsaas,jo sacchai mein lipta hai!

Deepak Shukla ने कहा…

Hi..

Neh ka naata hai man ka..
Man se judta hai sada..
Man agar na sath hon to..
Rishta har hai tutta..

Sundar bhav..

Deepak..

आनंद ने कहा…

रह जाते
अजनबी
एक छत के
नीचे भी
सभी.....
aur sara jeewan ajnabiyon ki tarh hi kaat dete hain.....