सोमवार, 12 अप्रैल 2010

मोती ...

#####

तेरे
लबों के
सदफ़ ने
बना
दिया है
मोती ...
वरना
बरसात
अश्कों
की
किसी
मोल की
ना होती...

3 टिप्‍पणियां:

Deepak Shukla ने कहा…

Hi..
Wah.. Kya baat hai..

DEEPAK..

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

वाह....क्या बात है....यूँ अश्क भी अच्छे लगते हैं :):)

संजय भास्‍कर ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना । आभार
ढेर सारी शुभकामनायें.

Sanjay kumar
http://sanjaybhaskar.blogspot.com